बेंगलुरु मेट्रो में युवती से छेड़छाड़ के आरोपी को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ने का कथित मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। पीड़िता ने वीडियो के जरिए पुलिस कार्रवाई, महिला सुरक्षा और सिस्टम की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए।
बेंगलुरु: कर्नाटक की बेंगलुरु मेट्रो ट्रेन में यात्रा के दौरान एक युवती के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने वाले 45 साल के शख्स को पुलिस थाने ले जाया गया। पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करके आरोप लगाया कि पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय आरोपी की उम्र और नशे की हालत का हवाला देते हुए उसे वॉर्निंग देकर जाने दिया। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, बेलगावी के रहने वाले मुथप्पा पर आरोप है कि उसने युवती को गलत तरीके से छुआ और मुस्कुराया, जिससे महिला को बहुत ज्यादा परेशानी हुई। उसके बर्ताव से गुस्सा होकर महिला ने मेट्रो सिक्योरिटी कर्मियों को अलर्ट किया।
आरोपी को माफी मांगने के बाद दिया था छोड़
बाद में, सुरक्षा कर्मचारियों ने हस्तक्षेप किया और उस व्यक्ति से पूछताछ की। स्थिति बिगड़ने के बाद मुथप्पा ने कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, यहां तक कि केम्पेगौड़ा (मैजेस्टिक) मेट्रो स्टेशन पर मौजूद लोगों के पैरों पर भी गिर गया। हालांकि, युवती फिर आरोपी को उप्पारपेट पुलिस स्टेशन ले गई। पुलिस ने अभद्र व्यवहार के लिए एक एनसीआर दर्ज की और माफी मांगने के बाद उसको छोड़ दिया।
पीड़ित युवती ने लगाए ये गंभीर आरोप
माना जा रहा है कि एक प्राइवेट कंपनी में हाउसकीपर मुथप्पा को जब पुलिस स्टेशन लाया गया तो वह शराब के नशे में था। शुक्रवार को अरेकेरे की रहने वाली महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की और इसके बजाय संदिग्ध के प्रति सहानुभूति दिखाई, उसकी उम्र और नशे की स्थिति का हवाला देते हुए उसे चेतावनी देकर जाने दिया गया।
महिला ने रिकॉर्ड किया आरोपी का वीडियो
पीड़िता ने कहा कि वह उसके व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर सकती क्योंकि यात्रा के दौरान उसके दूर जाने के बावजूद उसने बार-बार उसे छूने की कोशिश की। मैजेस्टिक में उतरने के बाद, उसने उसका एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जब वह मेट्रो स्टेशन के आसपास घूम रहा था और कथित तौर पर उसे देखकर मुस्कुरा रहा था। उसने सुरक्षा गार्डों के पास जाने से पहले उसे थप्पड़ मारने की बात भी स्वीकार की।
इस मामले में पुलिस का क्या है पक्ष?
हालांकि, पुलिस ने निष्क्रियता के आरोपों से इनकार किया। पुलिस के मुताबिक, जांच कर्मचारियों ने महिला को औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा था, लेकिन उसके माता-पिता ने हस्तक्षेप किया और प्राथमिकी दर्ज नहीं करने की सलाह दी।
