सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा को निलंबित करने के दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने कहा, हम इस तथ्य से अवगत हैं कि जब किसी ट्रायल कोर्ट या हाई कोर्ट ने किसी दोषी या विचाराधीन अभियुक्त को ज़मानत पर रिहा किया हो, तो आम तौर पर इस अदालत को उस व्यक्ति को सुने बिना ऐसे आदेश पर रोक नहीं लगानी चाहिए लेकिन इस मामले में हालात अलग हैं क्योंकि प्रतिवादी अभियुक्त को आईपीसी की धारा 304-II के तहत भी सजा सुनाई गई है, जो महिला के पिता की गै़र-इरादतन हत्या से जुड़ा मामला है, और वह इस केस में हिरासत में है.
पीठ ने कहा, मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हम उस आदेश पर रोक लगाते हैं. यानी अभियुक्त को उस आदेश के आधार पर रिहा नहीं किया जाएगा.
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार 23 दिसंबर को कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा निलंबित करते हुए उन्हें ज़मानत दे दी थी.
जिसके बाद रेप सर्वाइवर, उनकी माँ, कई सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ विपक्ष के नेताओं ने इस फ़ैसले का विरोध किया था. 
कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा को निलंबित करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
